हमारा भी होगा Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 04, 2017 नज़र है तो नज़ारा भी होगा। सफर है तो गुज़ारा भी होगा। वक्त किसी की बपौती नहीं, तुम्हारा है, हमारा भी होगा। कुछ चित्र गोदे हैं ह्रदय पर, इक रंग उनमें तुम्हारा भी होगा। उठती है लहरियाँ सिंधु में तो क्या, तकता राह वो किनारा भी होगा। Read more