नैनन की हुसियारी
आज लड़ी उनसे अखियाँ, सखियाँ बतियाँ कर जान निकारी। गागर आज भई हलकी, छलकी उमगी भरजोर हुलारी। बोल न बोल गए बलमा, बस नैनन तौल भई बनियारी। लूट गओ हम खों बनिया, कर नैनन की हलकी हुसियारी। -परमानंद बनियारी = व्यापार, बनिया = व्यापारी